Tuesday, July 5, 2022

अनन्तासन / Anantasana

अनन्तासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

Anantasana Aka Sleeping vishnu pose Benefits- 


अनन्तासन (Sleeping vishnu pose) के फायदे और नुकसान- एक विशेष योग मुद्रा है, जिससे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और यह शरीर की थकान को दूर करने में मदद करता है।

नन्तासन को टांगों कूल्हों के जोड़ों में लचीलता बढ़ाने वाले एक प्रभावी योगासन के रूप में जाना जाता है। अनन्तासन शब्द संस्कृत के दो अलग-अलग शब्दोंअनंतऔरआसनसे मिलकर बना है। वहीं अंग्रेजी में इसेस्लीपिंग विश्नू पोज” (Sleeping vishnu pose) के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम भगवान विष्णु पर पड़ा है।

अनन्तासन के लाभ (Benefits of Sleeping vishnu pose)

यदि अनन्तासन का अभ्यास सही तकनीक के साथ और विशेष सावधानियां बरतते हुए किया जाए तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. कूल्हों के जोड़ों को लचीला बनाए अनन्तासन

अनन्तासन अभ्यास करने से कूल्हों की मांसपेशियों में पर्याप्त रूप से खिंचाव आता है जिससे जोड़ों में लचीलता बढ़ती है और अकड़न जैसी समस्याएं नहीं हो पाती हैं।

2. जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाए अनन्तासन

सही तकनीक के साथ अनन्तासन अभ्यास करना हैम्स्ट्रिंग समेत अन्य जांघ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है जिससे शारीरिक संतुलन में भी सुधार होता है।

3. पीठ की अकड़न को दूर करे अनन्तासन

नियमित रूप से और सही तकनीक के साथ अनन्तासन अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उसे सहारा प्रदान करती हैं

4. शरीर को आराम प्रदान करे अनन्तासन

सुखासन की तरह अनन्तासन भी शरीर को आराम प्रदान करता है, जिससे थकावट मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं नहीं होती हैं।

हालांकि, अनन्तासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन करने के तरीके और अभ्यासकर्ता की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करते हैं।

अनन्तासन का तरीका (Steps to do Sleeping vishnu pose)

यदि आप पहली बार अनन्तासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों से आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

·                                 Step 1 - सपाट जमीन पर कंबल या मैट बिछा लें और उसपर पीठ के बल आराम से लेट जाएं

·                                 Step 2 - अब दाईं ओर करवट लें और अपने सिर को बांह पर रखें

·                                 Step 3 - दाईं कोहनी को मोड़ें और हथेली को सिर के नीचे लगाकर उसे सहारा प्रदान करें

·                                 Step 4 - दोनों पैरों को नीचे की तरफ मोड़ लें जिससे पैरों के अंगूठे टांगों की रेखा में जाएं

·                                 Step 5 - कोहनी से लेकर एड़ियों तक पूरे शरीर को एक रेखा में रखें और सिर को हथेली पर रखें

·                                 Step 6 - अब बाएं घुटने को मोड़ते हुए छाती के पास लाएं और बाएं हाथ से इस पैर का अंगूठा पकड़ लें

·                                 Step 7 - अब धीरे-धीरे अंगूठे को पकड़े हुए ही पैर को ऊपर की तरफ ले जाने की कोशिश करें और घुटने को सीधा करें

इस योगासन की अवधि अपनी क्षमता के अनुसार रखें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में जाएं। यदि आपको इस योग मुद्रा से संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से बात करें।

अनन्तासन के दौरान सावधानी (Precautions during Sleeping vishnu pose)

अनन्तासन अभ्यास करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है -

·                                 करवट पर शरीर का संतुलन बना कर रखें और शरीर का वजन कूल्हे पर पड़ने दें

·                                 गर्दन पर सिर का ज्यादा जोर पड़ने दें

·                                 योग मुद्रा के दौरान पूरे शरीर को एक रेखा में रखें

·                                 कोई भी क्रिया बलपूर्वक करें और ही शरीर में झटका लगने दें

अनन्तासन कब करें (When not to do Sleeping vishnu pose)

कुछ शारीरिक समस्याओं स्थितियों की मौजूदगी में अनन्तासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -

·                                 शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना

·                                 शारीरिक रूप से थकावट या मांसपेशियों में कमजोरी

·                                 रक्तचाप या हृदय संबंधी कोई रोग

·                                 मासिक धर्म या गर्भावस्था

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