Thursday, July 7, 2022

BALASANA / बालासन

हम इस लेख में बालासन के फायदेबालासन कैसे करे और बालासन करते वक्त कोनसी सावधानी रखनी चाहिए उसके बारेमें विस्तार से चर्चा करेंगे तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े। और आपको ये जानकारी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजिए।

बालासन एक बहोंत ही सरल आसन है। इस आसन को कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से कर सकता है। बालासन का अभ्यास आपके पुरे शरीर को स्फूर्ति और ताजगी प्रदान करता है।

बालासन का अर्थ क्या है? -

'बालासन' संस्कृत भाषा का शब्द है जिसमे 'बाल' का अर्थ 'बालक या बच्चा' होता है। और 'आसन' का मतलब 'मुद्रा' होता है। जब इन दोनों शब्द (बाल+आसन) को मिलाया जाये तो इसका अर्थ बच्चे की तरह बैठना होता है। बालासन को अंग्रेजी भाषा में 'Child pose' भी कहते है। बालासन करते वक्त आपको छोटे बच्चे की तरह घुटने मोड़कर अपने सिर को जमीन से लगाकर बैठने होता है। इसलिए बालासन को 'चाइल्ड पोज़' भी कहा जाता है। मन को शांत करने के लिए बालासन बहोत ही अच्छा आसन है।

बालासन के रोजिंदा अभ्यास से बहोंत सारे फायदे होते है। देंखा जाये तो बालासन योग करने के बाद थकान दूर करने की मुद्रा है। इस आसन को करने से योगी को इतना आराम मिलता है जितना एक शिशु को माँ के गर्भ में मिलता है।

तो चलिए अब बालासन के फायदे और बालासन करने का तरीका जान लेते है।

बालासन कैसे करे -

कोई भी आसन करने से पहले उस आसन को करने की पूरी विधि को सही से जान लेना चाहिए ताकि उस आसन को करते वक्त कोई समस्या हो।

1) सर्व प्रथम स्वच्छ और शांत जगह का चुनाव करें और मैट बिछा लें।

2) अब मैट के ऊपर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं।

3) अपने दोनों घुटने को एक दूसरे की नजदीक रखें।

4) अब साँस अंदर लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाए और साँस बहार छोड़ते हुए अपने सिर को आगे की और झुकाए।हाथ और सिर को जमीन पर टिका दें।

5) अब अपने दोनों हाथो की हथेली को अपने नितंब के पास ले जाए और दोनों हथेलियों अपने शरीर को छूती हुई आकाश की और रखें।

6) अब आप के शरीर की स्थिति बालासन की स्थिति में है। इसी स्थिति की को बनाए रखे और धीरे से छाती की मदद से जांघ पे दबाव दें। याद रखें की आपके कूल्हे पैर से स्पर्श होने चाहिए।

7) अपने पुरे शरीर को रिलेक्स करे और गहरी साँस अंदर ले और बहार छोड़े।

8) इस स्थिति में 30 सेकंड से 3 मिनिट तक रहे।

9) यहाँ पे बालासन का एक चक्र पूरा होता है।

10) आपको शरुआती अभ्यास के दौरान बालासन को 3 से 5 बार करना चाहिए।

बालासन के फायदे - Balasana benefits in hindi 

देखा जाये तो बालासन के फायदे काफी सारे है लेकिन मेने निचे कुछ महत्वपूर्ण फायदे बताये है।

1) बालासन आपके पुरे शरीर का थकान दूर करके आराम और ताजगी प्रदान करता है।

2) बालासन पीठ दर्द को दूर करता है।

3) बालासन का अभ्यास मन को शांत करता है और तनाव कम करता है।

4) डिप्रेशन दूर करता है बालासन।

5) बालासन का अभ्यास पाचनतंत्र को मजबूत करके पाचन शक्ति को बढ़ाता है।

6) कूल्हे,जांघ और टख़ने का तनाव काम करता है।

7) रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है।

8) बालासन से काफी हद तक कमरदर्द दूर होता है।

9) कब्ज की समस्या को दूर करता है।

10) गर्दन के दर्द को दूर करता है।

11) बालासन के अभ्यास से आंतरिक अवयवों को मसाज करता है। 


अगर आपको निचे दी गई कोई भी समस्या हे तो बालासन करें।

 

1) पीठदर्द, कमरदर्द और घुटने में चोट या ऑप्रेशन वाले व्यक्ति को बालासन नहीं करना चाहिए।

2) हाय ब्लड प्रेशर वाले लोगो को बालासन नहीं करना चाहिए।

3) गर्भवती महिला को बालासन नहीं करना चाहिए।

4) डायरिया से पीड़ित व्यक्ति को बालासन करें।

5) अपनी क्षमता से ज्यादा जोर दें।

6) बालासन का अभ्यास भोजन करने के बाद करें।

7) अधिक लाभ पाने के लिए बालासन को सुभह के टाइम करना चाहिए।

8) ध्यान रखे अगर आप खाना खाने के बाद बालासन कर रहे हे तो भोजन के बाद 4 से 5 घंटे बीत गए होने चाहिए।

 

 

 

 

 

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